Bhagavad Gita 11.4 — 4
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 11 | श्लोक 4
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मन्यसे यदि तच्छक्यं मया द्रष्टुमिति प्रभो |योगेश्वर ततो मे त्वं दर्शयात्मानमव्ययम् |
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manyase yadi tacchakyaṃ mayā draṣṭumiti prabho .yogeśvara tato me tvaṃ darśayātmānamavyayam
📖 सरल हिंदी अर्थ
हे प्रभो! यदि मेरे द्वारा आपका वह रूप देखा जाना शक्य है—ऐसा आप मानते हैं, तो हे योगेश्वर! उस अविनाशी स्वरूप का मुझे दर्शन कराइये। |
🌸 English Meaning
O Lord, if You think that it is possible for me to behold that form by me, then show me that imperishable form, O Lord of Yoga.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 11, श्लोक 4
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
