Bhagavad Gita 11.2 — 2
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 11 | श्लोक 2
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भवाप्ययौ हि भूतानां श्रुतौ विस्तरशो मया |त्वत्तः कमलपत्राक्ष माहात्म्यमपि चाव्ययम् |
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bhavāpyayau hi bhūtānāṃ śrutau vistaraśo mayā .tvattaḥ kamalapatrākṣa māhātmyamapi cāvyayam
📖 सरल हिंदी अर्थ
क्योंकि हे कमलनेत्र! मैंने आपसे भूतों की उत्पत्ति की उत्पत्ति और प्रलय आपसे विस्तारपूर्वक सुने हैं तथा आपका अव्यय माहात्म्य (प्रभाव) भी सुना है।
🌸 English Meaning
Because, O Lotus-eyed one, I have heard from you in detail about the origin of beings, and now I shall speak about your greatness.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 11, श्लोक 2
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
