Bhagavad Gita 10.19 — 19
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 10 | श्लोक 19
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श्रीभगवानुवाच |हन्त ते कथयिष्यामि दिव्या ह्यात्मविभूतयः |प्राधान्यतः कुरुश्रेष्ठ नास्त्यन्तो विस्तरस्य मे |
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śrībhagavānuvāca .hanta te kathayiṣyāmi divyā hyātmavibhūtayaḥ .prādhānyataḥ kuruśreṣṭha nāstyanto vistarasya me
📖 सरल हिंदी अर्थ
श्रीभगवान ने कहा— हे कुरुश्रेष्ठ! अब मैं जो मेरी दिव्य विभूतियाँ हैं, उनको तेरे लिये प्रधानता से कहूँगा; क्योंकि मेरे विस्तार का अन्त नहीं है|
🌸 English Meaning
Shree Bhagavan said: Arjuna, now I shall tell you My conspicuous divine glories; for there is no limit to My magnitude.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 10, श्लोक 19
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
