Bhagavad Gita 10.16 — 16
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श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 10 | श्लोक 16
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वक्तुमर्हस्यशेषेण दिव्या ह्यात्मविभूतयः |याभिर्विभूतिभिर्लोकानिमांस्त्वं व्याप्य तिष्ठसि |
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vaktumarhasyaśeṣeṇa divyā hyātmavibhūtayaḥ .yābhirvibhūtibhirlokānimāṃstvaṃ vyāpya tiṣṭhasi
📖 सरल हिंदी अर्थ
इसलिए आप ही उन अपनी दिव्य विभूतियों को सम्पूर्णता से कहने में समर्थ हैं, जिन विभूतियों के द्वारा आप इन सब लोकों को व्याप्त करके स्थित हैं |
🌸 English Meaning
Therefore, You alone can describe in full Your divine glories, whereby You stand pervading all these worlds.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 10, श्लोक 16
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
