Bhagavad Gita 10.2 — 2
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 10 | श्लोक 2
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न मे विदुः सुरगणाः प्रभवं न महर्षयः |अहमादिर्हि देवानां महर्षीणां च सर्वशः |
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na me viduḥ suragaṇāḥ prabhavaṃ na maharṣayaḥ .ahamādirhi devānāṃ maharṣīṇāṃ ca sarvaśaḥ
📖 सरल हिंदी अर्थ
मेरी उत्पत्ति को अर्थात् लीला से प्रकट होने को न देवता लोग जानते हैं और न महर्षिजन ही जानते हैं, क्योंकि मैं सब प्रकार से देवताओं का और महर्षियों का भी आदि कारण हूँ |
🌸 English Meaning
Neither gods nor the great sages know the secret of My birth; for I am the prime cause in all respects of gods as well as of the great seers.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 10, श्लोक 2
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
