Bhagavad Gita 9.20 — 20
🔱
🔱
ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 9 | श्लोक 20
❖ ───── ✦ ───── ❖
त्रैविद्या मां सोमपाः पूतपापायज्ञैरिष्ट्वा स्वर्गतिं प्रार्थयन्ते |ते पुण्यमासाद्य सुरेन्द्रलोक-मश्नन्ति दिव्यान्दिवि देवभोगान् |
❧ ✦ ❧
traividyā māṃ somapāḥ pūtapāpā yajñairiṣṭvā svargatiṃ prārthayante .te puṇyamāsādya surendralokaṃ aśnanti divyāndivi devabhogān
📖 सरल हिंदी अर्थ
तीनों वेदों में विधान किये हुए सकाम कर्मों को करने वाले, सोमरस को पीने वाले, पाप रहित पुरुष मुझको यज्ञों के द्वारा पूजकर स्वर्ग की प्राप्ति चाहते हैं; वे पुरुष अपने पुण्यों के फलरूप स्वर्गलोक को प्राप्त होकर स्वर्ग में दिव्य देवताओं के भोगों को भोगते हैं|
🌸 English Meaning
Those who perform sacrifices with faith, drinking soma and free from sin, desire to reach heaven by worshiping Me. They attain the world of the gods and enjoy divine pleasures there.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 9, श्लोक 20
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
