Bhagavad Gita 9.13 — 13
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 9 | श्लोक 13
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महात्मानस्तु मां पार्थ दैवीं प्रकृतिमाश्रिताः |भजन्त्यनन्यमनसो ज्ञात्वा भूतादिमव्ययम् |
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mahātmānastu māṃ pārtha daivīṃ prakṛtimāśritāḥ .bhajantyananyamanaso jñātvā bhūtādimavyayam
📖 सरल हिंदी अर्थ
परंतु हे कुम्ती पुत्र ! देवी प्रकृति के आश्रित महात्मा जन मुझ को सब भूतों का सनातन कारण और नाशरहित अक्षर स्वरूप जानकर अनन्य मन से युक्त होकर निरन्तर भजते हैं |
🌸 English Meaning
On the other hand, Arjuna, great souls who have embraced the divine nature, knowing Me as the prime source of all lives and the imperishable eternal, worship Me constantly with none else in mind.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 9, श्लोक 13
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
