Bhagavad Gita 8.18 — 18
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 8 | श्लोक 18
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अव्यक्ताद् व्यक्तयः सर्वाः प्रभवन्त्यहरागमे |रात्र्यागमे प्रलीयन्ते तत्रैवाव्यक्तसंज्ञके |
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avyaktād vyaktayaḥ sarvāḥ prabhavantyaharāgame .rātryāgame pralīyante tatraivāvyaktasaṃjñake
📖 सरल हिंदी अर्थ
सम्पूर्ण चराचर भूतगण ब्रह्मा के दिन के प्रवेशकाल में अव्यक्त से अर्थात् ब्रह्मा के सूक्ष्म शरीर से उत्पन्न होते हैं और ब्रह्मा की रात्रि के प्रवेशकाल में उस अव्यक्त नामक ब्रह्मा के सूक्ष्म शरीर में ही लीन हो जाते हैं|
🌸 English Meaning
All embodied beings emanate from the Unmanifestat the coming of the cosmic day; at the cosmic nightfall they merge into the same subtle body of Brahma, known as the Unmanifest.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 8, श्लोक 18
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
