Bhagavad Gita 8.17 — 17
🔱
🔱
ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 8 | श्लोक 17
❖ ───── ✦ ───── ❖
सहस्रयुगपर्यन्तमहर्यद् ब्रह्मणो विदुः |रात्रिं युगसहस्रान्तां तेऽहोरात्रविदो जनाः |
❧ ✦ ❧
sahasrayugaparyantamaharyad brahmaṇo viduḥ .rātriṃ yugasahasrāntāṃ te.ahorātravido janāḥ
📖 सरल हिंदी अर्थ
चतुर्युगात्मक की अवधि वाला और रात्रि की भी एक हजार चतुर्युगात्मक की अवधि वाली जो पुरुष तत्स्त्य को जानते हैं, वे योगीगण काल के तत्व को जानने वाले हैं |
🌸 English Meaning
Those Yogis who know from realization Brahma’s day as covering a thousand Mahayugas, and his night as ending in a thousand Mahayugas, know the reality about time.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 8, श्लोक 17
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
