Bhagavad Gita 8.15 — 15
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श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 8 | श्लोक 15
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मामुपेत्य पुनर्जन्म दुःखालयमशाश्वतम् |नाप्नुवन्ति महात्मानः संसिद्धिं परमां गताः |
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māmupetya punarjanma duḥkhālayamaśāśvatam .nāpnuvanti mahātmānaḥ saṃsiddhiṃ paramāṃ gatāḥ
📖 सरल हिंदी अर्थ
परम सिद्धि को प्राप्त महात्माजन मुझ को प्राप्त होकर दुःखों के घर एवं क्षणभंगुर पुनर्जन्म को नहीं प्राप्त होते |
🌸 English Meaning
Having attained Me, the great souls who have reached the supreme perfection do not take birth again in this miserable and temporary world.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 8, श्लोक 15
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
