Bhagavad Gita 7.28 — 28
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 7 | श्लोक 28
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येषां त्वन्तगतं पापं जनानां पुण्यकर्मणाम् |ते द्वन्द्वमोहनिर्मुक्ता भजन्ते मां दृढव्रताः |
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yeṣāṃ tvantagataṃ pāpaṃ janānāṃ puṇyakarmaṇām .te dvandvamohanirmuktā bhajante māṃ dṛḍhavratāḥ
📖 सरल हिंदी अर्थ
परंतु निःकाम भाव से श्रेष्ठ कर्मों का आचरण करने वाले जिन पुरुषों का पाप नष्ट हो गया है, वे राग-द्वेषजनित दन्द्द्रूप मोह से मुक्त दृढनिश्चयी भक्त मुझ को सब प्रकार से भजते हैं |
🌸 English Meaning
But those who have their sins destroyed by performing the best actions without attachment, they, freed from delusion born of desire and hatred, worship Me with firm determination.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 7, श्लोक 28
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
