Bhagavad Gita 6.43 — 43
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 6 | श्लोक 43
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तत्र तं बुद्धिसंयोगं लभते पौर्वदेहिकम् |यतते च ततो भूयः संसिद्धौ कुरुनन्दन |
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tatra taṃ buddhisaṃyogaṃ labhate paurvadehikam .yatate ca tato bhūyaḥ saṃsiddhau kurunandana
📖 सरल हिंदी अर्थ
तत्र वह बुद्धि-संयोग (योग-ज्ञान) प्राप्त करता है, जो पूर्वजन्मों के पुण्य कर्मों का फल है। और फिर वह पुनः परिश्रम करता है, हे कुरुनन्दन, पूर्ण सिद्धि के लिए।
🌸 English Meaning
There he attains the union of intellect, born of the merits of past lives; and then he strives again, O Kurunandana, for perfection.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 6, श्लोक 43
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
