Bhagavad Gita 4.19 — 19
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 4 | श्लोक 19
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यस्य सर्वे समारम्भाः कामसङ्कल्पवर्जिताः |ज्ञानाग्निदग्धकर्माणं तमाहुः पण्डितं बुधाः |
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yasya sarve samārambhāḥ kāmasaṅkalpavarjitāḥ .jñānāgnidagdhakarmāṇaṃ tamāhuḥ paṇḍitaṃ budhāḥ
📖 सरल हिंदी अर्थ
जिसके सम्पूर्ण शास्त्रसम्मत कर्म बिना कामना और संकल्प के होते हैं तथा जिसके समस्त कर्म ज्ञानरूप अग्नि के द्वारा भस्म हो गये हैं, उस महापुरुष को ज्ञानीजन भी पण्डित कहते हैं |
🌸 English Meaning
Even the wise call him a sage, whose undertaking are all free from desire and thoughts of the world, and whose actions are burnt up by the fire of wisdom.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 4, श्लोक 19
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
