Bhagavad Gita 4.5 — 5
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 4 | श्लोक 5
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श्रीभगवानुवाच |बहूनि मे व्यतीतानि जन्मानि तव चार्जुन |तान्यहं वेद सर्वाणि न त्वं वेत्थ परन्तप |
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śrībhagavānuvāca .bahūni me vyatītāni janmāni tava cārjuna .tānyahaṃ veda sarvāṇi na tvaṃ vettha parantapa
📖 सरल हिंदी अर्थ
श्रीभगवान् ने कहा — हे अर्जुन ! मेरे और तुम्हारे बहुत से जन्म हो चुके हैं, (परन्तु) हे परन्तप ! उन सबको मैं जानता हूँ और तुम नहीं जानते।।
🌸 English Meaning
The Blessed Lord said: Many, many births both you and I have passed. I can remember all of them, but you cannot, O subduer of the enemy.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 4, श्लोक 5
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
