Bhagavad Gita 4.2 — 2
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 4 | श्लोक 2
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एवं परम्पराप्राप्तमिमं राजर्षयो विदुः |स कालेनेह महता योगो नष्टः परन्तप |
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evaṃ paramparāprāptamimaṃ rājarṣayo viduḥ .sa kāleneha mahatā yogo naṣṭaḥ parantapa
📖 सरल हिंदी अर्थ
हे परन्तप अर्जुन ! इस प्रकार परम्परा से प्राप्त इस योग को राजर्षियों ने जाना; किंतु उसके बाद वह योग बहुत काल से इस पृथ्वी लोक में लुप्तप्राय हो गया |
🌸 English Meaning
Thus transmitted in succession from father to son, Arjuna, this Yoga remained known to the Rajarsis. It has, however, long since disappeared from this earth.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 4, श्लोक 2
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
