Bhagavad Gita 4.1 — 1
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 4 | श्लोक 1
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श्रीभगवानुवाच |इमं विवस्वते योगं प्रोक्तवानहमव्ययम् |विवस्वान्मनवे प्राह मनुरिक्ष्वाकवेऽब्रवीत् |
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śrībhagavānuvāca .imaṃ vivasvate yogaṃ proktavānahamavyayam .vivasvānmanave prāha manurikṣvākave.abravīt
📖 सरल हिंदी अर्थ
श्री भगवान ने कहा—मैंने इस अविनाशी योग को सूर्य से कहा था, सूर्य ने अपने पुत्र वैवस्वत मनु से कहा और मनु ने अपने पुत्र राजा इक्ष्वाकु से कहा |
🌸 English Meaning
Shree Bhagavan said: I taught this immortal Yoga to Vivasvan; Vivasvan conveyed it to Manu; and Manu imparted it toIksvaku.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 4, श्लोक 1
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
