Bhagavad Gita 3.23 — 23
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 3 | श्लोक 23
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यदि ह्यहं न वर्तेयं जातु कर्मण्यतन्द्रितः |मम वर्त्मानुवर्तन्ते मनुष्याः पार्थ सर्वशः |
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yadi hyahaṃ na varteyaṃ jātu karmaṇyatandritaḥ .mama vartmānuvartante manuṣyāḥ pārtha sarvaśaḥ
📖 सरल हिंदी अर्थ
क्योंकि हे पार्थ ! यदि कदाचित् मैं सावधान होकर कर्मों में न बरतूँ तो बड़ी हानि हो जाय; क्योंकि मनुष्य सब प्रकार से मेरे ही मार्ग का अनुसरण करते हैं |
🌸 English Meaning
Should I not engage in action, scrupulously at any time, great harm will come to the world; for, Arjuna, men follow My way in all matters.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 3, श्लोक 23
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
