Bhagavad Gita 2.36 — 36
🔱
🔱
ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 2 | श्लोक 36
❖ ───── ✦ ───── ❖
अवाच्यवादांश्च बहून्वदिष्यन्ति तवाहिताः |निन्दन्तस्तव सामर्थ्यं ततो दुःखतरं नु किम् |
❧ ✦ ❧
avācyavādāṃśca bahūnvadiṣyanti tavāhitāḥ .nindantastava sāmarthyaṃ tato duḥkhataraṃ nu kim
📖 सरल हिंदी अर्थ
तेरे वैरी लोग तेरे सामर्थ्य की निन्दा करते हुए तुझे बहुत-से न कहने योग्य वचन भी कहेंगे; उससे अधिक दुःख और क्या होगा|
🌸 English Meaning
And your enemies, disparaging your might, will speak many unbecoming words; what can be more distressing than this?
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 2, श्लोक 36
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
