Bhagavad Gita 2.34 — 34
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 2 | श्लोक 34
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अकीर्तिं चापि भूतानि कथयिष्यन्ति तेऽव्ययाम् |सम्भावितस्य चाकीर्तिर्मरणादतिरिच्यते |
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akīrtiṃ cāpi bhūtāni kathayiṣyanti te.avyayām .sambhāvitasya cākīrtirmaraṇādatiricyate
📖 सरल हिंदी अर्थ
तथा सब लोग तेरी बहुत काल तक रहने वाली अपकीर्ति का भी कथन करेंगे और माननीय पुरुष के लिये अपकीर्ति मरण से भी बढ़कर है |
🌸 English Meaning
Nay, people will also pour undying infamy on you; and infamy brought on a man enjoying popular esteem is worse than death.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 2, श्लोक 34
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
