Bhagavad Gita 1.46 — 46
🔱
🔱
ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 1 | श्लोक 46
❖ ───── ✦ ───── ❖
यदि मामप्रतीकारमशस्त्रं शस्त्रपाणयः |धार्तराष्ट्रा रणे हन्युस्तन्मे क्षेमतरं भवेत् |
❧ ✦ ❧
yadi māmapratīkāramaśastraṃ śastrapāṇayaḥ .dhārtarāṣṭrā raṇe hanyustanme kṣemataraṃ bhavet
📖 सरल हिंदी अर्थ
यदि मुझ शस्त्ररहित एवं सामना न करने वाले को शस्त्र हाथ में लिये हुए धृतराष्ट्र के पुत्र रण में मार डालें तो वह मारना भी मेरे लिये अधिक कल्याणकारक होगा |
🌸 English Meaning
It would be better for me if the sons of Dhritarashtra, armed with weapons, killed me in battle while I was unarmed and unresisting.
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 1, श्लोक 46
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
