Bhagavad Gita 1.31 — 31
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ॐ
श्रीमद्भगवद्गीता • SANATAN WISDOM
भगवद्गीता
A Timeless Guide to Life
अध्याय 1 | श्लोक 31
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निमित्तानि च पश्यामि विपरीतानि केशव |न च श्रेयोऽनुपश्यामि हत्वा स्वजनमाहवे |
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nimittāni ca paśyāmi viparītāni keśava .na ca śreyo.anupaśyāmi hatvā svajanamāhave
📖 सरल हिंदी अर्थ
हे केशव! मैं लक्ष्णों को भी विपरीत ही देख रहा हूँ तथा युद्ध में स्वजन-समुदाय को मारकर कल्याण भी नहीं देखता |
🌸 English Meaning
And, Keshava, I see such omens of evil, nor do I see any good in killing my kinsmen in battle
🪔 Life Lesson
इस श्लोक के संदेश को अपने दैनिक जीवन में समझें और अपने कर्म, विचार तथा आचरण में अपनाने का प्रयास करें।
Source: श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 1, श्लोक 31
“Do Your Duty. Leave the Rest to the Divine.”
ॐ तत्सत्
ॐ तत्सत्
